जीवित्पुत्रिका व्रत कथा (Jitiya Vrat Katha)
जीवित्पुत्रिका व्रत कथा (Jitiya Vrat Katha) व्रत का महत्व और आरंभ एक समय की बात है, जब नैमिषारण्य ऋषियों ने सूतजी से पूछा, “हे सूतजी! इस कलियुग में माता-पिता अपने बालकों को दीर्घायु किस प्रकार बना सकते हैं?” तब सूतजी बोले, “यह कथा उस समय की है जब द्वापर युग का अंत और कलियुग का
जीवित्पुत्रिका व्रत कथा (Jitiya Vrat Katha) Read More »






