
नवरात्रि का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित

आज नवरात्रि का दूसरा दिन है आज के दिन हम मां दुर्गा के दूसरे रूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करते हैं.
मां कोन थी :- नवरात्रि के दूसरे दिन हम माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा करते हैं. माँ के नाम से ही उनके बारे में पता चलता है (ब्रह्मा) अर्थात ब्रह्मा या (चारिणी) का मतलब है आचरन करने वाली ब्रह्मा का आचरण करने वाली. माँ का त्याग या तपस्या का प्रतीक है माँ की पूजा करने से हमें त्याग, तपस्या, वैराग्य, या संयम की प्राप्ति होती है साथ ही साथ कुंडली में जुड़े मंगल ग्रह से सभी को मुक्ति मिलती है .
माँ की पूजा करने से हमारे रास्ते की सभी रुकावते सुर होती है या हमें विजय की प्राप्ति होती है.

कैसा है माँ का स्वरूप :- माँ साक्षात ब्रह्मा का स्वरूप है माँ ब्रह्मचारिणी का मतलब है ब्रह्मा का आचरण करने वाली.
माँ के एक हाथ में माला है तथा दूसरे हाथ में कमंडल है.

माँ का मंत्र :-
या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।


